Beautiful Shayari

Posted On: 15-11-2020

Tere Hone Kaa Guroor Humeshaa Rahaa Mujhme Kahi Naa Kahin Lekin Jab Tu Door Hui Meri Aarzoo Wo Hijar Saath Ban Gayi ....... Rahil Azam

मेरी साँसों के धारा से उभरता हुआ, फनकारी देख आँखों से पर्दा को हटा और अपना तरफदारी देख ऐ सख्स, तू इल्म-ए-उरूज़ देख, मेरी मुहब्बत न देख तुझे है गुरूर खुद पर ज़रा सा तो मेरी कलमकारी देख मुहब्बत में भी क्या मुनाफा का हिसाब करता है कोई तू अन्दर से भिकारी है सख्स, अपनी दुनियादारी देख वो एक है जो इश्क़ को रूमी की इबादत सा करता है में पत्थर दिल उसके क़रीब हूँ, उसकी दिलदारी देख जिन भीड़ में तुझे सांस लेना भी मुहाल हो जाए सो भीड़ में ठहर और नयी पनपती जादूगरी देख आप ही में 'अनंत' आना का तीर दिल के कमान से चला आप ही हो सन्यासी, आप ही संसारी, एहि अदाकारी देख

इस मोड़ पर आ जाएगा हमारा रिश्ता कभी सोचा न था, हम पास तो होंगे पर साथ नहीं, बातें तो होगी पर फिर भी खामोशी ही रहेगी, एक साथ होंगे पर एक नहीं!!

जिंदगी में कभी किसी कि जरूरत मत बनना क्योंकि बनना है तो किसी कि कमी बनो जरूरत हर कोई पुरी कर सकता है पर कमी कोई नहीं पुरी कर सकता है।

जिसकी जैसी नियत उसकी वैसी कहानी, कोई परिंदों के लिए बंदूक, तो कोई परिंदों के लिए पानी रखता है!!

शदीद प्यास थी, फिर भी न छुआ पानी को, मैं देखता रहा दरियाँ, उसकी रवानी को!!

जरूरत से ज्यादा आराम, और हद से ज्यादा प्रेम, इंसान को अपाहिज बना देता है!!

जीवन नर्क बना हुआ है, क्योंकि हम सब प्रेम चाहते हैं, प्रेम देना कोई नहीं चाहता!

हजारो मेहफिल है लाखो मेले है, पर जहा तुम नहीं वाह हम अकेले है

Posted On: 06-09-2020

JAb se tere naino ko dekha hai... Bhool h=gaye khud ko is duniya ko... Jab se tere aachal ko dekha hai... Kya ho gaya hai pata nahi humare khayaalo ko...

Posted On: 06-09-2020

Kabhi to dekha hota ki hum kahaa aur tum kahaa.. Zindagi yu hi kat rahi hai shikwon mai...

Posted On: 06-09-2020

Jab se zindagi tujhe dekha, Kambakht tum hi tum nazar aate ho..

Posted On: 06-09-2020

Jaaiye aap kahaa jaayenge... Dekhte hai kitne din tadpaayenge.. Tadpenge hum nahi tum khud, Jab kahi bhi hum nazar na aayenge..

Posted On: 06-09-2020

jab jab yaad kiya to tum aaye... Jab jab zindagi ko dekha to tum dikhaai diye... Kabh kabh sochte hain, nahi hamesha, Sab kuch tum ho jab se zindagi mai aaye...

जिंदगी की तपिश को सहन कीजिए जनाब, अक्सर वे पौधे मुरझा जाते हैं, जिनकी परवरिश छाया में होती है!!