Beautiful Shayari

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Kardena maaf agar dkhaya ho Dil tumhara, Kya pata kafan me lipta mile, Kal ye uaar tumhara Lavi Zeenat khan

Chale jayenge chup chap ,Hum bhi tere duniya se , Pyar ki kadar karna kise kahte hai Ye tujhe waqt seekha dega!! Lavi Zeenat

अफ़सोस होता है उस #पल , जब अपनी #पसंद कोई ओर चुरा लेता है .. #ख्वाब हम देखते है और #हक़ीक़त कोई और बना लेता है..

Chal rahi hai Saanse ......... Tere bagair Zindagi Ki Magar ab ye Jindagi Jindagi Nahi Lagti

Posted On: 30-03-2019

Kisike dilo dimag me cha jau aisi kismat kaha

JAB DHADKANO KO THAM LETA HAI KOI JAB KHYALO ME NAME HAMARA LETA HAI KOI YADE TAB OR YADGAR HO JATI HAI JAB HAME HAMSE BEHATR JAN LETA HAI KOI

Posted On: 31-01-2019

शायरी नहीं आती मुझे बस हाले दिल सुना रहा हूं , बेवफाई का इल्जाम है मुझ पर फिर भी गुनगुना रहा हूं, कत्ल करने वाले ने कातिल हमें ही बना दिया , खफा नहीं मैं उससे बस उसका दामन बचा रहा हूं//

Posted On: 29-01-2019

की मेरी आंखों का प्रस्ताव ठुकरा के तुम मुझसे यूं ना मिलो अजनबी की तरह, अपनी होठों से मुझको लगा लो अगर बजे उठूंगा मैं फिर बांसुरी की तरह।।

Posted On: 08-01-2019

महीने फिर वही होंगे,सुना है साल बदलेगा..! परिंदे फिर वही होंगे,शिकारी जाल बदलेगा...!! वही हाकिम,वही गुरबत,वही कातिल वही गाजिब..! न जाने कितने सालों में हमारा हाल बदलेगा...!!

अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​, ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​, अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।

फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो, जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो, जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ, आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।

आंखे जो पढ़ ले, उसी को दोस्त मानना साहेब, वरना....चेहरा तो हमारा रोज दुशमन भी देखते हैं....!.

इरादतन नहीं तोड़ा ये जानता हूँ मैं लेकिन मेरे अपनों ने मुझे तोड़ा भी बहुत है. तोड़ा भी बहुत है... लेकिन मेरे अपनो नें... चलता रहा मैं धूप में संग संग जिनके रास्तों में तनहा अपनों ने छोड़ा भी बहुत है. छोड़ा भी बहुत है... लेकिन मेरे अपनो ने..

सोंच रहा था आऊँ... पर कैसे? लेकिन तुम आवाज़ देते रहना जब जब मेरी याद आये जब भी मौका मिले चाहे जैसे. जिस दिन टकरा जाएगी तुम्हारी पुकार बाधाओं की जंजीर से, टूट जाएंगे बंधन

"अपनों के अवरोध मिले, हर वक्त रवानी वही रही साँसो में तुफानों की रफ़्तार पुरानी वही रही लाख सिखाया दुनिया ने, हमको भी कारोबार मगर धोखे खाते रहे और मन की नादानी वही रही...!"