Desh Bhakti Shayari

"कुर्बानी, त्याग व बलिदान का त्योहार ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर सभी देशवासियों को ईद की ढेरों शुभकामनाएं।

Very good morning to the honorable chief guest of the day, respected principal sir, respected teachers, parents, and all my dear friends. I wish you all a very happy Independence day. Everyone presented here knows the reason to get together in such a big crowd. Independence day is celebrated every year on 15th August, we all celebrate this day with great joy and enthusiasm every year. First, we hoist our national flag then give a salute and sing national anthem song. Independence day is celebrated on 15th August because India got freedom on the night of the 14th of August in 1947.

Ek anokhi ahsash hai jindgi, Bahut hi mushkil mukam hai jindgi. Kho mat jana yaro apno ke bhid me, Kyoki, mitti ka ham par bahut hi ahshan hai jindgi.....

तुम अगर हमसे नफरत करोगे । तो तुम्हारा आदर सत्कार कौन करेगा। अगर तुम अपने गुरु को भूल गए तो चमत्कार कौन करेगा। तुम बार-बार हम पर वार करते हो हम चाहें तो एक बार में तुम्हारा बजूद मिटा दें दुनिया से मगर हम छोड़ देते है तुम्हे हर बार यह सोचकर कि अगर तुम सबको मार देंगे तो तुम्हारा अन्तिम संस्कार कौन करेगा। जय हिन्द जय महाकाल

हम कोई गांधी नहीं जो देश के खंड कर दें। हम भारत मां के वो शेर हैं। जो लाखों अतांकियों को अपनी एक दहाड़ से ढेर कर दें।

Har saans mai basa hai tu , teri khushbu..! Har kwaab mai basaa hai tu, teri Khushbu..! Ai watan hum tere liye jaan bhi denge, Mar mite hum tujh pe yehi hai aarju..!

ye nazar, ye haath, ye sab hai tera..! Ye jazbaa, ye bhakti hai sab tera..! Ye aawaaz de rahaa hai kuch kar mere liye, Ab se har lamha hoga bas tera..! Isi ki mitti mai hum pal ke bade hue, Hum bahut sa hai karz tera..! Tune humain sift diya hi hai kabhkuch kiya nahi, Ab waqt hai humara utarne ko karz tera..! Ai watan, ai watan, hum chal pade hai raah teri, De denge har qatra, tubh janam safal hoga mera..1 Jai Watan.....Jai Watan...!

मां बाप का कर्ज कोई चुका नहीं सकता, कभी कोई अपने जान से प्यारो को भुला नहीं सकता, चाहे घूम लो दुनिया का हर एक कोना, भारत मां को कोई भुला नहीं सकता। _नितिन यादव_

हम वो शिकंजा हैं जो कोई कस नहीं सकता ... हमारे देश की सरहदों को कोई डस नहीं सकता , अगर है हिम्मत किसी में तो आ जाए ... कसम हिन्दुस्तान की वो जिंदा बच नहीं सकता ! लेखक :- मनीष अहिराना (भोजपुरी गीतकार)

सुधर जा ऐ पाकिस्तानी... वर्ना नक्शे से मिट जाएगा , हिन्दुस्तान जिंदाबाद ... तेरा रोम रोम चिल्लाएगा , तेरी आने वाली पीढ़ी मेरे मुल्क की तलवे चाटेगी ... मत उलझना हिन्दुस्तानी से तेरी मरी मां भी डाटेगी !

सुधर जा ऐ पाकिस्तानी वर्ना नक्शे से मिट जाएगा .... हिन्दुस्तान जिंदाबाद तेरा रोम रोम चिल्लाएगा ....

अर्खुब भरे दर्द ज़मानें रह गए... हम ईंशानीयत का फर्ज निभाने में रह गए , तुम सब चुपके से आकर हमारे घर में आग लगाते रहे ... और हम तुम्हारे ही घर कि आग बुझाने में रह गए !

क्यो मरते हो दफा 302 के लिए अरे मरना ही है तो मरो अपने इस वतन के लिए जिस पर ये भारत देश ओढा देगा तिरंगा तुम्हारे कफन के लिए ।

हम मरते नही तुम जैसी सनम बेवफा के लिए अरे मरना ही होगा तो मै मरूँगा अपने इस वतन के लिए जीसपर तुम जैसी लड्कीया अपना रूपट्टा ओढा देंगी हमारे कफन के लिए ।

Happy Independence Day 2019