Desh Bhakti Shayari

हम कोई गांधी नहीं जो देश के खंड कर दें। हम भारत मां के वो शेर हैं। जो लाखों अतांकियों को अपनी एक दहाड़ से ढेर कर दें।

Har saans mai basa hai tu , teri khushbu..! Har kwaab mai basaa hai tu, teri Khushbu..! Ai watan hum tere liye jaan bhi denge, Mar mite hum tujh pe yehi hai aarju..!

ye nazar, ye haath, ye sab hai tera..! Ye jazbaa, ye bhakti hai sab tera..! Ye aawaaz de rahaa hai kuch kar mere liye, Ab se har lamha hoga bas tera..! Isi ki mitti mai hum pal ke bade hue, Hum bahut sa hai karz tera..! Tune humain sift diya hi hai kabhkuch kiya nahi, Ab waqt hai humara utarne ko karz tera..! Ai watan, ai watan, hum chal pade hai raah teri, De denge har qatra, tubh janam safal hoga mera..1 Jai Watan.....Jai Watan...!

मां बाप का कर्ज कोई चुका नहीं सकता, कभी कोई अपने जान से प्यारो को भुला नहीं सकता, चाहे घूम लो दुनिया का हर एक कोना, भारत मां को कोई भुला नहीं सकता। _नितिन यादव_

हम वो शिकंजा हैं जो कोई कस नहीं सकता ... हमारे देश की सरहदों को कोई डस नहीं सकता , अगर है हिम्मत किसी में तो आ जाए ... कसम हिन्दुस्तान की वो जिंदा बच नहीं सकता ! लेखक :- मनीष अहिराना (भोजपुरी गीतकार)

सुधर जा ऐ पाकिस्तानी... वर्ना नक्शे से मिट जाएगा , हिन्दुस्तान जिंदाबाद ... तेरा रोम रोम चिल्लाएगा , तेरी आने वाली पीढ़ी मेरे मुल्क की तलवे चाटेगी ... मत उलझना हिन्दुस्तानी से तेरी मरी मां भी डाटेगी !

सुधर जा ऐ पाकिस्तानी वर्ना नक्शे से मिट जाएगा .... हिन्दुस्तान जिंदाबाद तेरा रोम रोम चिल्लाएगा ....

अर्खुब भरे दर्द ज़मानें रह गए... हम ईंशानीयत का फर्ज निभाने में रह गए , तुम सब चुपके से आकर हमारे घर में आग लगाते रहे ... और हम तुम्हारे ही घर कि आग बुझाने में रह गए !

क्यो मरते हो दफा 302 के लिए अरे मरना ही है तो मरो अपने इस वतन के लिए जिस पर ये भारत देश ओढा देगा तिरंगा तुम्हारे कफन के लिए ।

हम मरते नही तुम जैसी सनम बेवफा के लिए अरे मरना ही होगा तो मै मरूँगा अपने इस वतन के लिए जीसपर तुम जैसी लड्कीया अपना रूपट्टा ओढा देंगी हमारे कफन के लिए ।

Happy Independence Day 2019

ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई , मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता , नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई , मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता

खूब बहती है, अमन की गंगा बहने दो… मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो… लाल हरे रंग में ना बाटो हमको… मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो

खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं, मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं, करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों, तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है

कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की मान का है, हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है