Latest Shayari

Posted On: 06-08-2020

ये मौसम भी कितना प्यारा है करती ये हवाएं कुछ इशारा है जरा समझो इनके जज्बातों को ये कह रही हैं किसी ने दिल से पुकारा

Posted On: 05-08-2020

Sending you and your family warm greetings on the auspicious occasion of Ram Mandir stone-laying ceremony!

Posted On: 05-08-2020

“Ram temple construction is the instrument to unite the country.” “Social harmony was the core principle of Lord Ram's governance.” “Ram is everywhere, Ram belongs to all.” “Ram temple symbolises India's rich heritage, will be an inspiration to the entire humanity.”

Posted On: 05-08-2020

नगरी हो अयोध्या सी रघुकुल सा घराना हो और चरण हो राघव के जहाँ मेरा ठिकाना हो 🧡

कट रही है जिंदगी, रोते हुए.. और वो भी तुम्हारे, होते हुए..!

Posted On: 05-08-2020

सच है हम तेरे हैं, ढेरों सपनों के घेरे हैं। दिल चाहे मिलना,पर मुसिबतो के फेरे हैं।

Posted On: 04-08-2020

कभी छोटा कभी बड़ा बनके। ये दुनिया तुम्हे समझाती रहेगी। असल में अपने फायदे की बात। वो तुमसे मनवाती रहेगी।

बहन ने भाई को बांधा है प्यार, कच्चा है धागा पर रिश्ते है पक्के, यही होते है भाई-बहन के रिश्ते सच्चे.!

साधारण सा धागा नहीं ये विश्वास की एक डोर है, कोई तोड़ सके इसे न किसी में इतना जोर है कौन कहता है की अंत हो जाता है हर रिश्ते का ये वो रिश्ता है जिसका न कोई ओर न कोई छोर है।

वो सदा ख्याल रखता है उसका और उसे सिर आँखों पर बिठाता है, दुनिया का हर भाई अपनी बहन को जी-जान से भी ज्यादा चाहता है।

Posted On: 03-08-2020

किसी को क्या बताए की कितना मजबूर हूँ... चाहा था सिर्फ एक तुमको और तुमसे ही दूर हूँ...

Aksar Achi Dosti Saste Mein Mill Jati Hai Aur Mahengi Dosti Matlabi Hoti Hai #HAPPY_FRIENDSHIP_DAY #SAGAR_R #BOXER🥊✍️

Posted On: 02-08-2020

इधर तड़प है कि वो साथ नहीं... उधर वो कहते हैं कोई बात नहीं...

“Don't take rest after your first victory because if you fail in second, more lips are waiting to say that your first victory was just luck.”

Posted On: 01-08-2020

कलम, आज उनकी जय बोल जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल कलम, आज उनकी जय बोल. जो अगणित लघु दीप हमारे तूफानों में एक किनारे, जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन माँगा नहीं स्नेह मुँह खोल कलम, आज उनकी जय बोल. पीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएं, जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल कलम, आज उनकी जय बोल. अंधा चकाचौंध का मारा क्या जाने इतिहास बेचारा, साखी हैं उनकी महिमा के सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल कलम, आज उनकी जय बोल.