Latest Shayari

Posted On: 07-10-2019

सुबह की किरण अक्स-ए-मोहब्बत है, खामोश रातोंपे तन्हाइयों का नूर है ! तेरी मिज़ाज़-ए-मुस्कराहट, मेरे होटों पे मयस्सर है ! वीरा...!! जिन्दा होने की क्या यही निशानी है?? पंछियो की गुफ्तगू में नवाज़िशें है, बादलों के साथ बूंदों की सरगम भी है! तेरी पाकीजा पायलों की छनछन, एक उल्फत सी मेरे रूह में गुनगुनाती है! वीरा..!! जिन्दा होने की क्या यही निशानी है?? साथ मेरे खुद की परछाई है, सिगरेट्स के कश का धुँआ भी है! तवस्सुर तेरी नरगिस आँखों का, ज़ीनत-ए-नशा मुझ पे सवार है! वीरा...!! मेरे जिन्दा होने की क्या यही निशानी है?? कसमे-वादे-दोस्ती-रिश्ते, जूनून-ए-शिद्दत आज भी है! तेरी मोहब्बत की रूहानियत पे, घायल ये फ़क़ीर आज भी है! मजबूर सा, मसरूफ सा, एक क़तरा सा है!! वीरा...!! ज़िंदा है!! .... पर, मेरे वजूद का कोई निशान नहीं है....!!!!! *©veeraajlumbinisushant* अक्स - Reflection मिज़ाज़ - mood मयस्सर- available गुफ्तगू - chitchat नवाज़िश - kindness पाकीजा - pure उल्फत - love रूह - soul तसव्वुर - imagination ज़ीनत - decoration शिद्दत - intensity रूहानियत - soulfulness मसरूफ - busy

Aaj bhi khayal tera sone nahi deta Aaj bhi mujhe kiseka hone nahi deta Aankho mein aansu lekar dekhu tera chehra Tera chehra mujhe rone nahi deta

यह उनकी मोहब्बत का नया दौर है जहां कल हमारा रोभ था आज किसी और का शोर है

Posted On: 04-10-2019

आपके होने का मुझ में सुरूर है मैं आपका बेटा हूं यह मुझ में गुरूर है

Posted On: 04-10-2019

Har din ''sham'' koa apane chand ka inthajar rahetha hai, Aur "muje" mere apani mehbuba ka inthajar rahetha hai.

Leave me alone...

Dhod mago to khir dege agar azan ruk doge to chir dege

Jangal badl ta hai sher nai naam hai tippu boys

Chandan chock ka najara na hota India gate ka sitara na hota Agar ladkiya fashion na karti To har gali ka ladka aawara na hota

Aj pareshan hoon Kal sakoon ka rooh ayega.. Khuda toh mera bhi hai Kab tak azmayega...

Posted On: 27-09-2019

खुश मिज़ाजी मशहूर है हमारी, सादगी भी कमाल है। हम शरारती भी बेइंतहा है, तन्हा भी बेमिसाल हैं।

Posted On: 27-09-2019

Baithe the Yun tanha is kadar.... Ki log aaye Milne... Aur Alwida kr bol Gaye...

मोहबत-ए-जिदगीं के कुछ यूं सिलसिले हूए , हम उनके ओर वो किसी ओर के हूऐ| K.s