इस इश्क ने हमें मगरूर कर दिया,
हर खुशी से बहुत दूर कर दिया,
सोचा नहीं था कभी हमें इश्क़ होगा,
पर आपकी नजरों ने मजबूर कर दिया।
Writer’s notebook
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लगाके इश्क़ की बाजी सुना है दिल दे बैठे हो,
मुहब्बत मार डालेगी अभी तुम फूल जैसे हो।
तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना दूँ,
तुझे मिले बिना तेरा हाल बता दूँ,
मेरी मोहब्बत में इतना दम है कि,
तेरी आँखों के आँसू अपनी आँखों से गिरा दूँ।
दिल की हसरत मेरी जुबान पे आने लगी,
तूने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी,
ये इश्क़ की इन्तहा थी या दीवानगी मेरी,
हर सूरत में सूरत तेरी नजर आने लगी।
महफ़िल ना सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलना न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता इश्क़ में कुछ नहीं मिलता?
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है।
सिर्फ सितारों में ही होती मोहब्बत अगर,
तो इन अल्फाजों को खूबसूरती कौन देता,
बस पत्थर बनकर रह जाता ताजमहल,
अगर इश्क़ इसे अपनी पहचान ना देता।
इश्क़ है अगर
शिकायत न कीजिए..!
और शिकवे हैं तो
मोहब्बत न कीजिए..!!
तेरे चेहरे को हम कभी भुला नहीं सकते, तेरी याद को कभी मिटा नहीं सकते ,आखिर में हमारी जान चली जाएगी, पर इस दिल में हम किसी और को बसा नहीं सकते!
उसके चेहरे पर इस क़दर नूर था,
कि उसकी याद में रोना भी मंज़ूर था,
बेवफा भी नहीं कह सकते उसको ज़ालिम,
प्यार तो हमने किया है वो तो बेक़सूर था…
सूरत के साथ-साथ अगर सुंदर आचरण भी हो तो प्यार का मजा ही कुछ और है!
कभी-कभी तुम भी कुछ कह लिया करो,
एकतरफा सुनवाई तो अदालत में भी नहीं होती!!
इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है,
बड़ी मुश्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है,
किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो,
पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है।
इससे ज़्यादा तुझे और कितना करीब लाऊँ मैं,
कि तुझे दिल में रख कर भी मेरा दिल नहीं भरता।
कुछ रिश्तों की चमक नहीं जाती,
कुछ यादों की कसक नहीं जाती,
कुछ दोस्तों से होता है ऐसा रिश्ता,
के दूर रह कर भी उनकी महक नहीं जाती।
मेरे भाग्य में प्रेम नहीं है
जिससे प्रेम हुआ
वो किसी और का था!
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